गाय ने खाना छोड़ा और बुखार भी था
मोहन की गाय गौरी अचानक चारा कम खाने लगी। पहले वह सक्रिय रहती थी, लेकिन अब ज्यादा समय खड़ी या बैठी रहती और चारा सामने होने के बावजूद नहीं खाती थी।
मोहन ने उसके शरीर पर हाथ फेरा और उसे लगा कि शरीर गर्म है। उसने तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाया | डॉक्टर ने तापमान जांचा और देखा की गाय को बुखार ह।
डॉक्टर ने पूछा, “भूख कब से कम हुई? क्या नाक से कोई स्राव है? खांसी है? सांस लेने में परेशानी? गोबर और पेशाब सामान्य हैं?” मोहन ने बताया कि गौरी पिछले एक दिन से कम खा रही थी और आज काफी सुस्त लग रही थी।
डॉक्टर ने कहा, “भूख कम होना कई बीमारियों में दिखाई दे सकता है। अगर इसके साथ बुखार भी है, तो संक्रमण जैसी स्थितियों की भी जांच करनी पड़ सकती है।”
मोहन ने पूछा, “तो क्या भूख बढ़ाने की दवा दे दूं?”
डॉक्टर ने समझाया, “सिर्फ भूख बढ़ाने पर ध्यान देना सही तरीका नहीं है। सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि भूख क्यों कम हुई है। अगर मूल समस्या का इलाज नहीं होगा, तो केवल भूख बढ़ाने की कोशिश पर्याप्त नहीं होगी।”
डॉक्टर ने गौरी की पूरी जांच की और उपचार की जरूरत के अनुसार सलाह दी। और कहा की भूख का काम होना हर बार रुमेन या दाने चारे की गड़बड़ी से नहीं, पशु में अगर कोई भी बीमारी हो तो सबसे पहले पशु दाना चारा ही काम करता है।
उन्होंने मोहन से कहा, “पशु की रोज की खाने की आदत पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर सामान्य रूप से खाने वाली गाय अचानक चारा छोड़ दे, तो इसे नजरअंदाज न करें।”
“अगर भूख लगातार कम है या साथ में बुखार, सुस्ती, जुगाली कम होना, दूध कम होना या दूसरे लक्षण दिखाई दें, तो पशु चिकित्सक से जांच करवाएं।”
उस दिन मोहन समझ गया कि भूख कम होना बीमारी का नाम नहीं, बल्कि शरीर में किसी समस्या का संकेत हो सकता है।




