
10 भाग की शृंखला
लंपी से लड़ाई
रामू काका की कहानी — एक किसान, जिसके पशुओं पर लंपी त्वचा रोग का साया मंडराता है, पहली बार इसके बारे में सुनने से लेकर पूरे गाँव के साथ मिलकर तैयार होने तक।
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03
वह बीमारी जो दिखने से पहले छिपी रहती है
बीमारी दिखने से पहले पशु के अंदर चुपचाप कैसे बढ़ती है।
आने वाला है
04
लक्ष्मी ने चारा नहीं खाया — रामू काका ने ध्यान से देखा
एक गाय का चारा न खाना — शुरुआती लक्षणों को कैसे पहचानें।
आने वाला है
05
एक बीमार गाय रामू काका को असल में कितनी महंगी पड़ती है
एक बीमार पशु किसान की जेब पर असल में कितना असर डालता है।
आने वाला है
06
रामू काका का ही बाड़ा क्यों — उनके पड़ोसी का क्यों नहीं?
एक बाड़ा बीमार, दूसरा सुरक्षित — कीड़े-मकोड़ों की भूमिका समझें।
आने वाला है
07
क्या लक्ष्मी फिर कभी पहले जैसी हो पाएगी?
बुखार उतरने के बाद भी रिकवरी में समय क्यों लगता है।
आने वाला है
08
अब कोई अंदाज़ा नहीं: रामू काका ने डॉक्टर को बुलाया
गांठ दिखते ही अंदाज़ा नहीं — पक्की जाँच क्यों ज़रूरी है।
आने वाला है
09
चाय की दुकान पर फिर बातें — इस बार रामू काका के पास जवाब हैं
गाँव में फैली भ्रांतियों का जवाब — मिथक बनाम सच्चाई।
आने वाला है
10
कैसे रामू काका के गाँव ने मिलकर लड़ना सीखा
एक किसान की सतर्कता से पूरे गाँव की साझा तैयारी तक।
आने वाला है


